जनम लियो ललना के चाँद मोरे
अंगना उतर आयो हो
जनम लियो ललना के चाँद मोरे
अंगना उतर आयो हो उतर आयो हो
मिली मिली सखी सब मंगल गीत
आज गावहि हो हो गावहि हो
जिए मोरा लाल हे लाख बारिस
आशीष सुनावे रही हो
जनम लियो ललना के चाँद मोरे
अंगना उतर आयो हो उतर आयो हो
ललन मन भावन
सुरतिया सुहावनि
राखी सुख पावहि हो
धन घं बहग सफल गयी साध
आनंद मनावे ही हो
जनम लियो ललना के चाँद मोरे
अंगना उतर आयो हो उतर आयो हो
ायो नया पहुनकी
साज़ भयो सपना में
राम गुण गावहि हो
बाली गयी जाऊ मैं
कजरा लागौ मैं
नज़र से बचावहु
जनम लियो ललना के चाँद मोरे
अंगना उतर आयो हो उतर आयो हो
जनम लियो ललना के चाँद मोरे
अंगना उतर आयो हो.
